आधुनिक समय में प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों की पुकार



 नमस्कार साथियों🙏
आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस की सभी शिक्षक साथियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं आज का दिन हमारे शिक्षकों का धन्यवाद करने का दिन है, हो सके तो अपने शिक्षकों को आज के दिन एक प्यारा सा संदेश जरूर भेजें भेजिएगाl
साथियों शिक्षक की जिम्मेदारी न केवल विद्यालय में आने वाले छात्रों को अक्षर ज्ञान करना है बल्कि समाज को दिशा देना भी शिक्षक का कर्तव्य होता है निश्चित रूप से हम सभी शिक्षक साथी अपने संपूर्ण प्रयास के साथ इस कार्य में लगे हैं फिर भी वर्तमान में  शिक्षा की गुणवत्ता में खासकर सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता का गिरता स्तर  चिंता का विषय है, इन विद्यालयों के अस्तित्व पर संकट की  स्थिति बन रही है, इसी पर मैं आज अपने विचार आपके साथ साझा कर रहा हूं🙏 आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं 🙏
  विद्यालयों में गिरते हुए शिक्षा  स्तर के अनेक कारण हैं इनमें से आज के लेख में कुछ  पर प्रकाश डालना चाहता हूं, सर्वप्रथम सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के अनुपात में तो शिक्षक उपलब्ध हैं किंतु कक्षा या विषय की मांग से प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक नहीं है ,अधिकतर विद्यालयों  में दो या तीन शिक्षक हैं जबकि उनमें पांच कक्षाएं संचालित हो रही हैं और एक शिक्षक को एक ही समय में दो से तीन कक्षाओं में  शिक्षण करना पड़ रहा है,जो की कतई संभव नहीं है..
शिक्षा की पहुंच जन-जन तक हो, इसलिए हर एक किलोमीटर पर प्राथमिक और हर 3 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय खोलने का जो महत्वपूर्ण कार्य पिछली सरकारों द्वारा किया गया उससे शिक्षा तक लोगों की पहुंचे तो हुई किंतु शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई मुझे लगता है की हमारे प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय हर एक किलोमीटर पर न होकर हर एक ग्राम पंचायत या नगरों में कम से कम 4000 की आबादी वाले क्षेत्र में होना चाहिए जो की उच्च गुणवत्ता का हो उसमें सभी मूलभूत सुविधाएं हो और विद्यालय एक शाला एक परिसर के रूप में विकसित हो  जिसमें  बच्चों और विषय की संख्या अनुरूप शिक्षक उपलब्ध होl
वर्तमान में CM राइस विद्यालयों की जिस परिकल्पना पर काम किया जा रहा है वह भी शायद उतना प्रभावी न हो जितना की हर एक ग्राम पंचायत में एक परिसर - एक विद्यालय संचालन प्रभावी हो सकता है इसके लिए हमारे बच्चों को अधिकतम एक से दो किलोमीटर का ही सफर करना पड़ेगा और  ग्राम ग्राम पंचायत में चल रहे 3,4 विद्यालय को एक जगह कर देने से विद्यालय में शिक्षकों की कमी भी नहीं रहेगी, अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता भी नहीं रहेगी l
सरकारी विद्यालयों में शिक्षा  के गिरते स्तर का एक बड़ा कारण इन विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना भी है जैसे पानी की बहुत अच्छी व्यवस्था न होना(RO water) फर्नीचर की पर्याप्त व्यवस्था न होना, विद्यालय में मौसम अनुसार कूलर इत्यादि की व्यवस्था न होना और स्मार्ट क्लास  संचालित करने हेतु आधुनिक संसाधन जैसे कंप्यूटर या प्रोजेक्टर का ना होना इत्यादि कारण हैं , जबकि आज के व्यक्ति को निजी विद्यालय में यह सारी सुविधाएं प्राप्त होती हैं इसलिए वह इन सब के आकर्षण से प्रभावित होकर सरकारी विद्यालयों से निजी विद्यालयों की तरह बढ़ जाता हैl
एक और अत्यंत गंभीर कारण शासकीय शिक्षा व्यवस्था में विभागीय परीक्षा न होना भी है शिक्षा विभाग में उच्च पदों पर प्रभाव दिए जाते हैं जबकि मेरे विचार से इस हेतु प्रतिवर्ष न्यूनतम योग्यताधारी शिक्षकों की  विभागीय परीक्षा करवाई जानी चाहिए और उसी के आधार पर पद प्रभार दिया जाना चाहिए, जैसे संकुल प्राचार्य ,विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी आदि के पदों पर नियुक्ति के लिए विभागीय परीक्षा होनी चाहिएl
वर्तमान बदलते हुए परिवेश में शिक्षक को नई-नई शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप शिक्षण लिए जो प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं उसमें शिक्षकों की अरुचि या गंभीरता से नहीं लेना भी शिक्षा की गुणवत्ता में कमी का एक महत्वपूर्ण कारक हैl
साथियों आज इस शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर हम अपनी विद्यालय की बातें जन जन तक, अपने अधिकारियों, राजनेताओं, मंत्रियों और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करें ताकि  हमारे गांव,तहसील,जिला,प्रदेश और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और भारत पुनः  विश्व गुरु बन सकेl

जय हिंद जय भारत जय शिक्षक ll
हरदयाल पटेल प्राथमिक शिक्षक शासकीय 
प्राथमिक शाला नईबखरन विकासखंड बिजावर जिला छतरपुर मध्य प्रदेश 
हाल निवास नगर परिषद सटई 
 मोबाइल नंबर 9993050587

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